We must unite, no longer subdued by disgrace, Uplifting one another, igniting the righteous fire. When power is wielded by those we hold dear,
कविता की पृष्ठभूमि बदलें
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हम सबको मिलकर अब खड़ा होना है,
अपमान की छाया में और नहीं खोना है।
एक-दूजे को सहारा दें, ऊँचा उठाएँ,
सत्य की ज्वाला फिर से प्रज्वलित कराएँ।
जब अपने हाथों में हो शक्ति की डोर,
भरोसे और प्रेम से छू लें सवेरा का भोर।
संघर्ष में साथ चलें, न बिखरें किसी जाल में,
एकता से हम सब चमकेंगे नई मशाल में।