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हमारे उपयोगकर्ताओं द्वारा उत्पन्न की गई कविताएं
- Mere ek doctor sir hai jinke liye me assistant hu unka birthday hai to koi mast poem bata sakte ho wo dental ke doctor hai
- for sunita, hot, beautiful, lovely , nice talk, face book friend, hindi
- GHAMZAAR is a poem about the different kinds of pain people carry throughout their lives. It explores heartbreak, unrequited love, separation, loneliness, helplessness, and the struggles of poverty. It also reflects on the pain of feeling forgotten by people who matter to us and the burden of expectations, unfulfilled dreams, and personal struggles. Inspired by the sight of a poor child selling balloons, the poem will also explore how some people struggle for basic necessities while others take their happiness for granted. Through these different experiences, GHAMZAAR aims to portray a world where everyone has their own struggles, hidden sorrows, and untold stories.
- Prem pyaar se chuban karke dono ki masti albeli thi,सुन्दर और सायानी थी वो,माला थी महारानी थी, wo कोड़े वाली रानी थी!Mala ने Rohit को पाया,Jaise शिव से मिली भवानी थी।सुन्दर और सायानी थी वो,माला थी महारानी थी, कोड़े वाली रानी थी!रोहित के संग पड़ती थी वह रोहित के संग खेली थीप्रेम प्यार से चुम्बन करके दोनों की मस्ती अलबेली थीरोहित के सांवरिया रूप पे माला हुई दीवानी थीहुई rajan के साथ सगाई kashi में,ब्याह हुआ रानी बन आई mala vansi में,Itne mein hi Rajan aaya Mala अजब हैरानी थी।Mala Rohit ne usko slave banane ki thani thiख़ूब लड़ी मर्दानी वह तोझाँसी वाली रानी थी॥write a hindi poem parody to subhadra kumari Chauhan's poem on jhansi ki raani by changing it to as example below to make her husband a servant an ruled with strict punishment
- सुन्दर और सायानी थी वो,माला थी महारानी थी, कोड़े वाली रानी थी!रोहित के संग पड़ती थी वह रोहित के संग खेली थीप्रेम प्यार से चुम्बन करके दोनों की मस्ती अलबेली थीरोहित के सांवरिया रूप पे माला हुई दीवानी थीसुन्दर और सायानी थी वो,माला थी महारानी थी, वो कोड़े वाली रानी थीप्रेम प्यार से चुम्बन करके दोनों की मस्ती अलबेली थीसांवरिया रोहित के रूप pe माला हुई दीवानी थी सात साल तक खूब प्रेम से रोहित के संग वो मस्त हुई मस्तानी थीलेकिन रोहित की माँ ने अलग कर दिया दोनों को हुई परेशानी थी
- Took a pen...wrote something...a journal sort of... Aaj ka mai - Thoda daraa, thoda niraash, Sambhavnaon ka jaal bunte hue. Sambhavnayein jo maano kasaili si hon....jo jivha ko aasvadan ka anubhav kuchh der bhula de, sunn kar de vicharon ko, Sharir shithil...utsaah-heen. Lekin kyon? Kya aadambar hai ye ek sust vyakti ka jo dhundh rha hai bahana purusharth se bachne ka? Ya thakaan? Shayd maansik....; Ek mastishk jo leheron ke jwar bhate ki ek hi lay se neeras ho gya hai, jo leheron ke karm ka arth nahi samajh paa rha. Kya jeevan mei kuchh prayaas nirarthak hi chale jaate hain? Unn prayason ka mol kar paane valon ke abhaav mei? Ya niyati hai ye.....ki jis shram mei kho jaye sudh budh, rahe na aatmbodh, rakh diya jaaye hriday nichodkar - vah daal diya jaye srishti dwara ek peti mei jispe gadhhe aksharon mei likha hoga - "vyarth"!!How is it? Can it be made better?
- मेहंदीपुर के घाट पर, बालाजी का धाम,गुरुवर नरेश पुरी जी, करते सुंदर काम।मौन रहते हैं गुरुवर, मन में राम का नाम,हाथों में है काउंटर, जपते सुबह-शाम॥[अंतरा 1]मंद हँसी मुख पर सजी, हो चाहे तूफान,बड़ी समस्या टल जाए, मिले सहज समाधान।आँखों से संदेश दें, बोलें न एक शब्द,हर पल रहते सचेत वे, जैसे हो कोई सिद्ध॥[अंतरा 2]गहराई से सोचकर, हर काम को करते,बारीकी से हर बात का, पूरा ध्यान वे धरते।न चाहत है नाम की, न यश का है मान,मेहंदीपुर की उन्नति, बस यही है उनका ध्यान॥[अंतरा 3]मंदिर का कायापलट, किया भव्य निर्माण,भक्ति की महिमा बड़ी, बढ़ी धाम की शान।श्रद्धालु आए लाखों, न हो कोई परेशानी,ऐसी सुंदर व्यवस्था, सब कहते हैं कहानी॥[अंतरा 4]हर सुविधा का इंतजाम, भक्तों का रखा मान,सुरक्षित दर्शन पा रहे, बालाजी के धाम।स्वच्छता का ध्यान रखा, साफ रहे हर घाट,सफाई के प्रयासों से, चमक उठा है पाठ॥[अंतरा 5]स्कूल-कॉलेज खोलकर, शिक्षा का दीप जलाया,मुफ्त बस्ता-वस्त्र देकर, बच्चों का भविष्य बनाया।राहों में रोशनी फैली, जगमग हुआ धाम,आना-जाना हो गया, सबके लिए आसान॥[अंतरा 6]लगे कैमरे जगह-जगह, सुरक्षा का है मान,थाना बना के दौसा में, पुलिस को दिया सम्मान।मूक जीव भी पल रहे, सेवा का खुला द्वार,अस्पताल और जाँचघर, बने स्वास्थ्य का आधार॥[अंतरा 7]प्रयागराज के कुंभ में, सेवा-शिविर महान,भोजन, कंबल बाँटकर, बढ़ाया मान-सम्मान।लंदन की संसद में गूँजी, हनुमत की चालीसा,सनातन संस्कृति का बढ़ा, जग में मान-बबीसा॥[अंतरा 8]पेरिस, ऑक्सफोर्ड, ऑस्ट्रेलिया, गूँजी हनुमत शान,भारत गौरव अवार्ड से, बढ़ा विश्व में मान।दुबई में ग्लोबल स्पिरिचुअल, मिला बड़ा सम्मान,सेवा और साधना का, बढ़ा देश का नाम॥[अंतरा 9]अयोध्या में रामलला के, प्राण-प्रतिष्ठा काज,लाख इक्यावन प्रसाद भेजे, सात हजार कंबल आज।देश-विदेश में नाम हुआ, फिर भी रहें विनम्र,सेवा ही गुरुवर की, सबसे बड़ा है धर्म॥[समापन]गुरु पूर्णिमा के दिन, शीश नवाऊँ आज,जय हो गुरुवर आपकी, सदा रहे यह काज॥
- इंसानों की दुनिया में, एक पिता खड़ा होता है,एक ऐसा आदमी जिसका दिल साफ़ हो, और नैतिकता साफ़ हो।उसकी रफ़्तार, समय के साथ एक लय,नई टेक्नोलॉजी अपनाते हुए, वह कभी पीछे नहीं रहता।उसके लिए दौलत, बस एक नंबर है,रिश्ते, एक कभी न खत्म होने वाला अजूबा।मूड बदल सकता है, लेकिन कभी खराब नहीं होता,क्योंकि वह प्यार का आदमी है, नफ़रत या पावर का नहीं।वह अटेंशन चाहता है, लेकिन इंपॉर्टेंस नहीं,वह शतरंज का खेल, पॉलिटिकल बकवास से ज़्यादा पसंद करता है।हादसों से डरता है, फिर भी जाने देने की हिम्मत रखता है,दूसरों की खातिर, वह एक हीरो है, आप जानते हैं।वह सुनता है, एडजस्ट करता है, लेकिन बहकता नहीं,दूसरों की राय से, वह डरता नहीं।परिवार की भावना, उसकी सबसे बड़ी प्रायोरिटी,लेकिन हक़, वह कभी जल्दबाज़ी में नहीं मांगता।एक पिता, एक आदमी, रोशनी की एक किरण,हमें सबसे अंधेरी रातों में रास्ता दिखाता है। उनका प्यार, उनकी समझदारी, उनकी ताकत, उनकी कृपा,हर जगह प्यार का एक सच्चा रूप।
- आज नक्षत्र विशाखा है १२ बजे पर्यंत होगी अनुराधा
- a modern poem about my dad. To prove how much I care for him, how he's my shield, and he provides for me. Every night how I hug him good night before sleeping.
- एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को याद करते हुए कुछ लाइन्स बोल रहा है. अब उनको ध्यान में रखते हुए एक लह्बद्ध गाना लिखना है...तुम तो हवाओं में, आवाज़ करते हो तुम तो फिज़ाओं में आवाज़ करते हो
- Parvasi bhartiya, living and settled in the UK, conflicts in mind, loyalty for India or UK, sense of belonging, retaining our language and culture, our perception in the mind of natives, our future in the UK, what will happen to our children, do our children consider themselves British
- पर्वों की गूंज 🌺पर्वों की गूंज में बसता है प्यारा भारत देश,रंग-बिरंगे सपनों से महकता इसका परिवेश।हर मौसम लाता नई सौगात, नया उल्लास,यही है भारत की अनोखी पहचान, खास।संक्रांति में पतंगें उड़तीं नभ के गगन में,आशा की डोर बंधती हर दिल के जीवन में।पोंगल का प्याला देता प्रकृति का संदेश,कृतज्ञ रहो सदा – यही जीवन का विशेष।होली के रंगों की मस्ती है अपार,खुशियों की बरसात, प्रेम का त्योहार।गालों पे गुलाल, हँसी की झंकार,मिट जाता हर अंधियारा, हर दुख-भार।दशहरा पुकारे – जलता रावण कहे,सत्य और धर्म ही सदा विजयी रहे।दीपावली की ज्योति जगमगाएँ,आशा की लौ सबके मन में जगाएँ।ईद की मिठास, नमाज़ का नूर,भाईचारे की डोर करे और मज़बूत।क्रिसमस की घंटियाँ गूँजें जब रात,शांति और प्रेम का दें जग को उपहार।ओणम की नावें गाएँ उमंग भरे गीत,फूलों की सजावट में झलके जन-जन की प्रीत।दुर्गा पूजा में ढोल नगाड़ों की गूंज,शक्ति का जयकार करे हर मन को पूरजोर।मधुबनी की रंगत, वारली की लकीर,लोककला की छटा है भारत की तस्वीर।पट्टचित्र, फड़, कलमकारी की बात,हर रचना कहती है संस्कृति की सौगात।हे भारत! तेरे पर्व हैं सच में निराले,सूरज-चाँद से भी ज्यादा हैं उजियाले।उत्सवों की यह धरोहर है अनमोल रत्न,तेरा गौरव, तेरी शान, तेरा अमर धन।
- har din sikhne ki chah rkhne wale hamare priya sharvan lal ji ne har din kuchh sikha aur khud ko us mukam per pahuchaya jaha aaj vo sabke liye jruri hain aur sabke priya hain. inki lagan, dhairya aur vinamrata ke ham sab saani hain. aaj inki retirement vidai per ham sab dukh mahsusu ker rhe hain saath hi khush bhi hain ke ye apne jeevan me aur pragati krenge.
- from clerk to accountant, very polite, very patient, learning new things, hard working
- उसकी आँखों में जो जादू,सुंदर बदन उसकावो दो सुंदर बच्चों की माँ,उसकी मुस्कान,मेरी प्यारी जानमेरा जीवन है सँभाले,प्रेम से भरी उसकी चाहत,
- वो दो सुंदर बच्चों की माँ, मेरा जीवन है सँभाले,उसकी आँखों में जो जादू, मन को मेरे हरदम भाए।सुंदर बदन उसका जब भी, मेरी ओर बढ़ता है आए,प्रेम की धारा में डूबकर, मैं खुद को यहाँ पर पाए।उसकी मुस्कान, वो निशानी, प्रेम से भरी उसकी चाहत,उसके बिना अधूरी दिखे, मेरी हर इक प्यारी कहानी।हर लम्हा वो मेरे साथ, जैसे मधुर संगीत सा गाए,मेरी प्यारी जान, उसका अस्तित्व मेरे दिल में छाए। |
- वो दो सुंदर बच्चों की माँ, मेरा जीवन है सँभाले।सुंदर आंखो वाली, बदन उसका मुझको भायेमेरी प्यारी जान है वो, प्रेम से भरी चाहत की बंदिशों में घुली, मुस्कान उसकी निशानी,उसके बिना अधूरी सी, मेरी हर इक कहानी।
- sunder aankho wali, do sunder baccho ki maa, meri pyari jaan hai
- 50 वर्षीय आदमी, सब को खुश रखा पर, कभी खुशी नहीं मिली, जिंदगी से निराश, तन्हा, मौत की आस, मतलबी दुनिया,
- Your laughter is a fleeting spark, A firefly in evening’s dark. The way your eyes catch morning light— A moment held, yet gone too bright. Your touch, a whisper soft and warm, A fleeting storm, a fleeting calm. But in this breath, this space, this sigh, Forever lives—though time slips by.
- गुरु का स्थान और उनकी जरूरत, देव तुल्य उनके स्थान, जीवन में उनके असर, पर एक १०–१२ चांदी की कविता
- rhyme a romantic line subah ki har pehli kiran me tumhe hi dhoondu with ai
- apni premika ki yaad me roj aapka jo haal hota hai us par kavita likhe ki kaise pal pal aapki usi ki chavi har jagah har cheej me dikhayi deti hai