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sunder aankho wali, do sunder baccho ki maa, meri pyari jaan hai

सुनहरी आँखों में बसे हैं, सुख-सपनों के उजाले,  
वो दो सुंदर बच्चों की माँ, मेरा जीवन है सँभाले।  
हर सुबह की पहली किरण, उसकी ममता की बाती,  
मेरी प्यारी जान है वो, प्रेम से भरी अनुकंपा है राती।  

चाहत की बंदिशों में घुली, मुस्कान उसकी निशानी,  
उसके बिना अधूरी सी, मेरी हर इक कहानी।  
वो मोती, वो चाँदनी, आलोक है जिसपे यशोगान,  
सुनहरी आंखों के पीछे बसी, मेरी प्यारी जान।

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सुनहरी आँखों में बसे हैं, सुख-सपनों के उजाले, वो दो सुंदर बच्चों की माँ, मेरा जीवन है सँभाले। हर सुबह की पहली किरण, उसकी ममता की बाती, मेरी प्यारी जान है वो, प्रेम से भरी अनुकंपा है राती। चाहत की बंदिशों में घुली, मुस्कान उसकी निशानी, उसके बिना अधूरी सी, मेरी हर इक कहानी। वो मोती, वो चाँदनी, आलोक है जिसपे यशोगान, सुनहरी आंखों के पीछे बसी, मेरी प्यारी जान।

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