एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को याद करते हुए कुछ लाइन्स बोल रहा है. अब उनको ध्यान में रखते हुए एक लह्बद्ध गाना लिखना है...तुम तो हवाओं में, आवाज़ करते हो तुम तो फिज़ाओं में आवाज़ करते हो
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तुम तो हवाओं में, आवाज़ करते हो,
फ़िज़ाओं में जैसे कोई साज़ करते हो।
तारों की छाँव में, गीत कोई गाते हो,
दिल की धड़कनों में, हलचल सी लाते हो।
रात की खामोशी में, गूँज सा करते हो,
सपनों की दुनियाँ में, मुझसे बात करते हो।
तुम्हारी यादों का हर पल रास्ता चुनता है,
हर लम्हा तुम्हारे लिए दिल थामे बैठता है।
फूलों की महक में, तुम्हारी छवि मिलती है,
हर ऐहसास में, तुम्हारी रूह हिलती है।
तुम तो हवाओं में, आवाज़ करते हो,
फ़िज़ाओं में जैसे कोई साज़ करते हो।