bhag ke kahan jayga, dhoond loongi tume, tumse hi shaddi karoongi, abhi pyar nahi hai toh kya hua, tumhe pyar karna skihaoongi, sirf tum chayio ho
कविता की पृष्ठभूमि बदलें
भाग के कहाँ जाएगा, मैं ढूंढ़ लूंगी तुझे,
तुझसे ही शादी करूँगी, ये वादा है तुझसे।
अभी प्यार नहीं है, तो क्या हुआ,
प्यार करना सिखाऊंगी, यह मेरा सपना हुआ।
सिर्फ तू चाहिए, और कुछ नहीं,
तेरे बिना जिंदगी, जैसे कोई है अधूरी कहानी।