Poems (12–32 lines) on summer breakSummer flavours, memories, and moods captured in verse.
कविता की पृष्ठभूमि बदलें
गर्मियों की छुट्टियाँ आती हैं संग खट्टी-मीठी यादें,
आम के बगीचों में बिछी चाँदनी, हँसी की गूंजें साधें।
नींबू पानी की ठंडक में मिटती दोपहर की थकान,
तलाशी जाती छाँव, बेताबी से खोजती मन की जान।
कपूर की महक ले आती बैगनी रंग की बरसात,
स्कूल की किताबों से दूर, उड़ता मन अंगनाई बात।
गर्म हवाओं में बँधा झूला, पेड़ों से करता धुंधली-धुंधली बात,
कोयल की कूक में बसी है मधुरता, जैसे संगीत कोई अनजाना राग।
समुद्र की लहरें बुलाती, लेकिन तालाब की छप-छपियत,
चमकते सूरज की किरणें, देते नए सपनों का आकार।
कभी झरने सा शीतल, कभी तपता दिन की धूप,
गर्मियों का ये मौसम, नई उमंगों का स्वरूप।
हर पल में बसी है ताजगी, हर स्मृति में सोखी मिठास,
गर्मियों की छुट्टियाँ देती हैं, नींद भरी रातों का खास।